बाइनेंस अकाउंट कैसे बनाएँ: KYC से पहला ट्रेड
इस साइट का इनवाइट कोड BN6971 है। यह रजिस्ट्रेशन की पहली स्क्रीन पर नहीं, अकाउंट बनने के बाद वाले स्टेप में आता है; इस पेज के बटन से आने पर पहले से भरा मिलता है। शर्तें पूरी करने वाले नए यूज़र ट्रेडिंग फ़ीस का रिफ़ंड 20% तक पा सकते हैं — असली दर वही है जो उस वक़्त रजिस्ट्रेशन पेज पर दिखे। स्टेप छूट गया तो कोड जोड़ने का मौक़ा रजिस्ट्रेशन के 30 दिन के अंदर और पहली बार पैसे जमा करने या ट्रेड करने से पहले तक है (कुछ और शर्तें भी हैं)। P2P चैट में सेलर दूसरी UPI ID दे, तो वहीं रुक जाइए।

पूरा काम असल में छह हिस्सों का है — रजिस्टर करना, KYC पूरा करना, 2FA चालू करना, P2P से पहला USDT ख़रीदना, मार्केट पेज पढ़ना, और पहला ऑर्डर लगाना। इनमें से ज़्यादातर स्क्रीन पर लिखे निर्देश देखकर हो जाता है (KYC और पैसा आने में कितना वक़्त लगेगा, यह जगह और वेरिफ़िकेशन पर टिका है)। भारत से करने वाले असल में तीन जगह अटकते हैं: अकाउंट बनने के बाद वाला इनवाइट कोड स्टेप स्किप हो जाना, KYC में नाम PAN से मेल न खाना, और सबसे बड़ी वाली — INR डालने का कोई सीधा बटन न मिलना। नीचे हर स्टेप उसी क्रम में खुला है, और वहीं बताया है कि लोग ठीक किस जगह फिसलते हैं।
शुरू करने से पहले ये तीन चीज़ें
फ़ॉर्म आधा भरने के बाद डॉक्यूमेंट ढूँढ़ने से अच्छा है कि पहले ही सब पास रख लीजिए। लगेगा इतना ही:
- एक ईमेल या मोबाइल नंबर जो रोज़ इस्तेमाल होता हो — यही लॉगिन बनेगा और OTP भी यहीं आएगा, इसलिए वह वाला चुनिए जो आपके हाथ में हमेशा रहता है;
- PAN कार्ड और Aadhaar — KYC में यही सामने आते हैं। PAN सामने रखिए, क्योंकि नाम उस पर छपे हुए स्पेलिंग से हूबहू मिलाना है;
- एक स्मार्टफ़ोन — ऐप, फ़ेस वेरिफ़िकेशन और 2FA, तीनों वहीं होंगे।
साथ में एक मज़बूत पासवर्ड सोच लीजिए — अक्षर, अंक और चिह्न मिलाकर, और वह किसी और साइट पर इस्तेमाल हुआ न हो। यह पासवर्ड और आगे चालू होने वाला 2FA, दोनों मिलकर आपके अकाउंट के दो ताले हैं।
स्टेप 1 — रजिस्टर, और इनवाइट कोड कहाँ भरना है
ब्राउज़र में binance.com ख़ुद टाइप कीजिए, या ऐप स्टोर से ऐप लीजिए। किसी मैसेज या ग्रुप में आए लिंक पर क्लिक करके रजिस्टर मत कीजिए — नक़ली पेज बिलकुल असली जैसे दिखते हैं। आगे का क्रम यह है:
- Sign up पर जाइए और ईमेल या मोबाइल नंबर में से एक चुनकर पासवर्ड सेट कीजिए;
- पहली स्क्रीन पर बस यही एक बॉक्स है, कोड का कोई बॉक्स नहीं — OTP डालिए, शर्तें पढ़कर स्वीकार कीजिए, अकाउंट बन गया;
- अकाउंट बनने के बाद ही Referral / Invite Code वाला स्टेप आता है: इस साइट के लिंक से आए हैं तो BN6971 पहले से भरा और हरे टिक के साथ “Bound” दिखेगा; ख़ाली हो तो ख़ुद भरिए, चाहें तो स्किप भी कर सकते हैं, पर बाइंड होने के बाद बदलता नहीं;
- लॉगिन कीजिए — अकाउंट बन चुका है।
उस कोड वाले स्टेप पर एक मिनट रुकिए। कोड सिर्फ़ अकाउंट बनने के बाद वाले उसी स्टेप पर भरा जाता है — बाइंड होने के बाद उसे बदलने का रास्ता नहीं होता। स्किप कर दिया हो तो बाद में जोड़ने का मौक़ा तभी तक रहता है जब तक रजिस्ट्रेशन को 30 दिन पूरे न हुए हों और अकाउंट में न कोई रक़म जमा हुई हो, न कोई ट्रेड।
maker/taker की बेस दरें और VIP लेवल बाइनेंस के आधिकारिक fee schedule पर दिए गए हैं; रजिस्टर करने से पहले मौजूदा जानकारी वहीं मिलाकर देखिए।
स्टेप 2 — KYC: PAN और Aadhaar वाला हिस्सा
सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला सवाल पहले निपटा लें: क्या डॉक्यूमेंट देना ज़रूरी है? सिर्फ़ अकाउंट खोलकर बैठे रहने तक नहीं, लेकिन पैसा डालना, ख़रीदना या निकालना है तो KYC पूरा करना ही होगा। यह दुनिया के हर बड़े एक्सचेंज पर है, बाइनेंस की अपनी सख़्ती नहीं। भारत से करने पर आम तौर पर PAN और Aadhaar वाला रास्ता ही सामने आता है — कौन सा डॉक्यूमेंट किस स्टेप पर माँगा जाएगा, यह ऐप पर उस वक़्त दिख रही जानकारी से तय होगा।
प्रोसेस मोटे तौर पर तीन हिस्सों में है (बाइनेंस के हेल्प सेंटर पर इसी प्रोसेस का स्क्रीन-दर-स्क्रीन पेज है; डॉक्यूमेंट की शर्तें बदलती हैं तो सबसे पहले वहीं दिखती हैं):
- बेसिक जानकारी — नाम, जन्मतिथि, डॉक्यूमेंट नंबर;
- डॉक्यूमेंट की फ़ोटो — चारों कोने फ़्रेम के अंदर, रोशनी सीधी नहीं (वरना चमक आ जाती है), और तस्वीर धुँधली न हो;
- फ़ेस वेरिफ़िकेशन — स्क्रीन के कहे मुताबिक़ पलक झपकाना या सिर घुमाना, कुछ सेकंड का काम।
सबमिट करने के बाद रिव्यू का इंतज़ार कीजिए। एक बार में न हो तो ज़्यादातर वजह यह होती है कि फ़ोटो अँधेरी थी या उस पर चमक थी, रोशनी बदलकर दोबारा भेजिए। और एक चीज़ जो कभी नहीं करनी: अपने डॉक्यूमेंट की फ़ोटो किसी को भी मत भेजिए। जो लोग WhatsApp या Telegram पर आकर कहते हैं कि आपका KYC हम करा देंगे, वे या तो पैसे लेकर ग़ायब होते हैं या आपके डॉक्यूमेंट से कहीं और अकाउंट खोलते हैं। यह प्रोसेस सिर्फ़ ऐप के अंदर होता है, कहीं और नहीं।
स्टेप 3 — 2FA चालू कीजिए
यह वह स्टेप है जिसे लोग यह सोचकर टाल देते हैं कि बाद में कर लेंगे, और बाद कभी आता नहीं। 2FA का मतलब है कि लॉगिन या withdrawal के वक़्त पासवर्ड के अलावा एक और कोड माँगा जाएगा, जो हर 30 सेकंड में बदलता है — यानी किसी के पास आपका पासवर्ड आ भी जाए, वह अंदर नहीं घुस सकता।
SMS के बजाय authenticator ऐप (जैसे Google Authenticator या बाइनेंस का अपना authenticator) ज़्यादा सुरक्षित है — भारत में SIM swap और नंबर पोर्ट कराकर OTP चुराने वाली घटनाएँ होती रही हैं, और SMS वाला 2FA उसी के सामने कमज़ोर पड़ता है। तरीक़ा:
- Security settings में Authenticator ढूँढ़कर enable कीजिए;
- ऐप से स्क्रीन पर बना QR कोड स्कैन कीजिए;
- वहाँ एक बैकअप की दिखेगी — उसे काग़ज़ पर लिखकर संभालिए। फ़ोन खोने या बदलने पर वापसी इसी से होती है, और यह भी किसी को नहीं देनी;
- ऐप में दिख रहा 6 अंकों का कोड डालकर बाइंडिंग पूरी कीजिए।
स्टेप 4 — पहला USDT: P2P और UPI का पूरा रास्ता
अब वह हिस्सा जिस पर भारत से आने वाला लगभग हर नया इंसान ठिठक जाता है। ऐप में INR डालने का बटन ढूँढ़ने में वक़्त मत लगाइए — बाइनेंस पर INR सीधे डालने वाला रास्ता नहीं है। भारत से आम रास्ता P2P का है, और पेमेंट ज़्यादातर UPI से होता है।
P2P का मतलब यह है कि आप बाइनेंस से नहीं, किसी दूसरे यूज़र से USDT ख़रीद रहे हैं। बीच में प्लेटफ़ॉर्म escrow का काम करता है: ऑर्डर बनते ही सेलर का USDT रोक लिया जाता है, और आपके पैसे भेजने और सेलर के कन्फ़र्म करने के बाद वह आपके पास छूटता है। इसीलिए सेलर पैसे लेकर भाग नहीं सकता — बशर्ते पूरा लेन-देन प्लेटफ़ॉर्म के अंदर ही हुआ हो।
पहले USDT तक का क्रम:
- P2P में Buy चुनिए, asset में USDT और currency में INR;
- पेमेंट तरीक़ों में UPI छाँटिए और सेलर की लिस्ट देखिए;
- एक सेलर चुनकर रक़म डालिए और ऑर्डर बनाइए;
- स्क्रीन पर सेलर की UPI ID आएगी — अपने UPI ऐप से ठीक उतनी रक़म भेजिए;
- वापस आकर पेमेंट हो गया मार्क कीजिए (पैसा भेजे बिना यह कभी मत दबाइए);
- सेलर के कन्फ़र्म करते ही USDT आपके फंडिंग वॉलेट में आ जाएगा।
सेलर चुनते वक़्त सिर्फ़ सबसे सस्ता भाव मत देखिए — एक-दो पैसे की बचत के लिए घंटों अटकना महँगा पड़ता है। नाम के नीचे तीन नंबर लिखे होते हैं, वही असल जानकारी हैं:
| सेलर की प्रोफ़ाइल में क्या देखें | इसका मतलब |
|---|---|
| पूरे किए गए ऑर्डर की संख्या | जितने ज़्यादा, उतना पुराना और जमा हुआ सेलर। नया अकाउंट माने तजुर्बा शून्य |
| completion rate | ऊँचा रेट यानी वह ऑर्डर बीच में छोड़कर नहीं भागता |
| औसत रिलीज़ टाइम | USDT छोड़ने में कितना वक़्त लगाता है — कम बेहतर |
| verified / merchant का निशान | प्लेटफ़ॉर्म का अतिरिक्त वेरिफ़िकेशन, पर यह भी गारंटी नहीं — बाक़ी सावधानियाँ फिर भी लागू |
पैसा सिर्फ़ उसी UPI ID पर भेजिए जो ऑर्डर पेज पर दिख रही है। चैट में सेलर कहे कि वह ID काम नहीं कर रही, इस दूसरे नंबर पर भेज दीजिए — वहीं रुक जाइए। यह सबसे आम ठगी है: पैसा प्लेटफ़ॉर्म के रिकॉर्ड से बाहर चला जाता है, और फिर आप dispute में यह साबित ही नहीं कर पाते कि आपने भुगतान किया था।
अब वह बात जो P2P को भारत में बाक़ी दुनिया से अलग बना देती है — 1% TDS। मौजूदा आयकर प्रावधानों के हिसाब से VDA के ट्रांसफ़र पर 1% TDS कटता है (आयकर विभाग के TDS compliance पेज पर VDA समेत सारी कैटेगरी और फ़ॉर्म एक जगह हैं), और बाइनेंस P2P पर यह आपके लिए नहीं काटा जाता — ख़रीदार होने के नाते काटने और जमा करने की ज़िम्मेदारी आपकी अपनी है। यानी सेलर का PAN लेना, TDS काटकर सरकार के पास जमा करना और सेलर को सर्टिफ़िकेट देना, यह सब आपके हिस्से आता है। यह भारतीय एक्सचेंज से बिलकुल उलट है, जहाँ वे ख़ुद काटकर जमा कर देते हैं और आपको कुछ नहीं करना पड़ता — और यही वजह है कि बहुत सारे लोग बिना जाने ग़लती कर बैठते हैं। पूरा हिसाब, फ़ॉर्म और तारीख़ें क्रिप्टो पर TDS और टैक्स वाले पन्ने पर खोलकर रखे हैं; अपनी रक़म डालकर देखना हो तो TDS · टैक्स कैलकुलेटर है। यह आयकर नियमों के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार है और यह टैक्स सलाह नहीं है — अपनी स्थिति के लिए CA से पूछिए।
पहली बार में एक छोटी रक़म से जाइए, ऐसी जो डूब भी जाए तो चुभे नहीं। मक़सद कमाई नहीं, यह देखना है कि पैसा भेजने से USDT वॉलेट में आने तक का चक्र आपके हाथ में कैसे चलता है। USDT आ जाने के बाद अपनी होल्डिंग ₹ में कितनी बैठती है, यह प्राइस कन्वर्टर से किसी भी वक़्त देखा जा सकता है। और यह भी समझ लीजिए कि USDT है क्या — एक stablecoin, जिसका भाव डॉलर के आसपास रहता है; ज़्यादातर ट्रेडिंग पेयर इसी में भाव दिखाते हैं, इसलिए यह इस बाज़ार का दाख़िला-सिक्का जैसा है।
स्टेप 5 — मार्केट पेज पर भाव पढ़ना
USDT आ गया? अब भी ख़रीदने की जल्दी मत कीजिए। पाँच मिनट स्क्रीन पढ़ना सीख लीजिए। कोई भी ट्रेडिंग पेयर खोलिए (मान लीजिए BTC/USDT), वहाँ चार चीज़ें दिखेंगी:
- भाव — इस वक़्त एक यूनिट कितने USDT की है;
- 24 घंटे का बदलाव — हरा यानी ऊपर, लाल यानी नीचे। भारतीय शेयर बाज़ार के ऐप देखकर आए हैं तो यह उलटा नहीं लगेगा, दोनों जगह हरा-ऊपर ही चलता है;
- candle chart — वक़्त के साथ भाव की चाल, जिसे 15 मिनट, 1 घंटा, 1 दिन जैसे टाइमफ़्रेम में देखा जा सकता है;
- volume — चार्ट के नीचे की पट्टियाँ, जो बताती हैं कि उस दौरान कितनी ख़रीद-बिक्री हुई।
ध्यान रहे कि भाव USDT में है, ₹ में नहीं — जो लोग सीधे रुपये वाला नंबर देखने के आदी हैं, वे यहीं गड़बड़ करते हैं। दो और बातें भारत के हिसाब से: बाज़ार चौबीसों घंटे चलता है, सोमवार से शुक्रवार वाला कोई बंधन नहीं, इसलिए IST में रात या छुट्टी के दिन भी चाल बनती रहती है। और अमेरिकी बाज़ार खुलने के आसपास, यानी IST शाम-रात के आसपास, हलचल आम तौर पर बढ़ती दिखती है। ये नंबर पढ़ने का पूरा तरीक़ा — 10% की चाल बड़ी है या नहीं, market cap और भाव में क्या फ़र्क़ है — क्रिप्टो चार्ट कैसे देखें में शुरू से खोला गया है। पहला ऑर्डर लगाने से पहले उस पर एक नज़र डाल लेना बहुत सी फ़ीस बचा देता है।
स्टेप 6 — पहला ऑर्डर
चार्ट पढ़ना आ गया तो ऑर्डर लगाना सीधा है। spot में ख़रीदने का क्रम:
- ट्रेडिंग पेयर के पेज पर जाइए (मान लीजिए BTC/USDT) और Buy चुनिए;
- ऑर्डर का प्रकार चुनिए — शुरुआत में market order (जो मौजूदा भाव पर तुरंत पूरा हो जाता है), और अभ्यास होने पर limit order (जिसमें आप अपना भाव लिखकर छोड़ देते हैं, वहाँ पहुँचने पर ही सौदा होता है);
- रक़म डालिए — यानी कितने USDT का ख़रीदना है — और कन्फ़र्म कीजिए;
- पूरा होते ही वह एसेट आपके spot wallet में दिखने लगेगा।
market और limit का फ़र्क़ शुरू में मामूली लगता है, पर है नहीं। market order भाव नहीं पूछता, बस पूरा हो जाता है — जिस पल बाज़ार तेज़ी से हिल रहा हो, उस पल यह उम्मीद से अलग भाव पर लग सकता है। limit order भाव तो आपका मानता है, मगर वह भाव आया ही नहीं तो ऑर्डर पड़ा रह जाता है। पहली बार के लिए छोटी रक़म का market order ठीक है, क्योंकि तब आपका मक़सद सीखना है, भाव निचोड़ना नहीं।
पहला ऑर्डर कितने का? उतने का जो पूरा डूब जाए तो भी फ़र्क़ न पड़े। मक़सद रास्ता चलाकर देखना है, कमाना नहीं। बाज़ार की आम हलचल में भी आपकी होल्डिंग कुछ प्रतिशत ऊपर-नीचे होती रहेगी — पहले उस हिलने का एहसास लीजिए, बड़ी रक़म बाद की बात है, और leverage तो अभी बिलकुल नहीं। यह निवेश सलाह नहीं है, रक़म आपका अपना फ़ैसला है। और वह उलटा सा हिसाब — कितना गिरने पर वापस बराबरी तक आने के लिए कितना चढ़ना पड़ता है — प्रॉफ़िट/लॉस · ब्रेकईवन टूल में एक बार डालकर देख लीजिए; ज़्यादातर लोगों का अंदाज़ा यहाँ ग़लत निकलता है।
ख़रीदकर ऐप बंद मत कर दीजिए। दो मिनट और लगाकर बाक़ी आधा चक्र भी चला लीजिए, तभी पूरा रास्ता आपका हुआ: Assets में जाइए, अभी ख़रीदा हुआ एसेट वहाँ देखिए, उसकी मौजूदा वैल्यू और नफ़ा-नुक़सान देखिए; फिर पेयर के पेज पर लौटकर Sell से थोड़ा सा वापस USDT में बदल दीजिए — तरीक़ा ख़रीदने जैसा ही है। और यह याद रखिए कि बेचने पर भी मौजूदा नियमों के तहत 1% TDS और मुनाफ़े पर 30% टैक्स का हिसाब लगता है, यानी स्क्रीन पर दिख रहा मुनाफ़ा और जेब में आया मुनाफ़ा एक चीज़ नहीं है। एक बार पूरा चक्र चलाना दस लेख पढ़ने से ज़्यादा सिखा देता है।
नक़ली साइट और नक़ली कस्टमर केयर
इस पूरे रास्ते में नए लोग ऑपरेशन से नहीं, ठगों से गिरते हैं। ये चार चीज़ें याद रखने लायक़ हैं:
| ठगों का आम तरीक़ा | आपको क्या करना है |
|---|---|
| बाइनेंस के नाम से लिंक भेजकर लॉगिन कराना | क्लिक मत कीजिए। पता ख़ुद टाइप कीजिए, या bookmark और ऐप से जाइए |
| कस्टमर केयर बनकर ख़ुद मैसेज करना और पासवर्ड या OTP माँगना | असली सपोर्ट कभी ख़ुद आकर ये नहीं माँगता — सीधे ब्लॉक कीजिए |
| KYC या withdrawal करा देने के नाम पर फ़ीस लेना | हर काम अपने हाथ से ऐप के अंदर कीजिए, किसी को मत सौंपिए |
| Telegram ग्रुप में पक्का मुनाफ़ा और डबल करने के दावे | पहले पैसा दिखाकर भरोसा जीतना पुराना जाल है — निकल जाइए |
बचाव का पूरा नियम दो लाइन का है: अपना अकाउंट सिर्फ़ ऐप में या ख़ुद टाइप किए पते पर खोलिए; और पासवर्ड, OTP, 2FA की बैकअप की किसी को भी मत दीजिए — एक अक्षर भी नहीं।
एडिटोरियल नोट: यह पन्ना सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रजिस्ट्रेशन और वेरिफ़िकेशन प्रोसेस के आधार पर लिखा गया है। पेमेंट के तरीक़े, लिमिट और बटन की जगह अलग-अलग इलाक़ों में अलग हो सकती है — आपके लिए अंतिम वही है जो आपके करते वक़्त बाइनेंस के पेज पर दिख रहा हो। टैक्स से जुड़ी बातें आयकर नियमों के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार हैं और यह टैक्स सलाह नहीं है। पूरा पन्ना जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बाइनेंस पर KYC के लिए PAN कार्ड ज़रूरी है?
बाइनेंस पर INR से सीधे USDT कैसे ख़रीदें?
इनवाइट लिंक पर ट्रेडिंग फ़ीस का रिफ़ंड 20% तक कैसे मिलता है?
पहला ट्रेड कितने का करना चाहिए?
आगे पढ़ें: क्रिप्टो पर TDS और टैक्स · क्रिप्टो चार्ट कैसे देखें · क्रिप्टो में उतार-चढ़ाव कितना · ब्रेकईवन कैलकुलेटर
स्रोत की जाँच
इस पन्ने का स्टेप 1 बाइनेंस हेल्प सेंटर के How to Register on the Binance Website? (पेज पर “Updated on 2025-11-24” लिखा है) और How to Register on the Binance App? (पेज पर “Updated on 2025-11-23” लिखा है) से मिलाया गया है; स्टेप 2 का आधार How to Complete Identity Verification for a Personal Account? (पेज पर “Updated on 2026-06-04” लिखा है) है। ये तीनों पेज अंग्रेज़ी में हैं — बाइनेंस इनका हिंदी संस्करण नहीं देता।
इस साइट ने 2026-09-09 को ये पेज एक-एक करके खोलकर मिलाए। पात्रता, फ़ीस की दरें और किसी फ़ीचर की उपलब्धता बदलती रहती है — आपके लिए अंतिम वही है जो आपके करते वक़्त बाइनेंस के पेज पर दिख रहा हो।