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क्रिप्टो चार्ट कैसे देखें? शुरुआत के लिए पाँच नंबर काफ़ी हैं

DYORly एडिटोरियल टीमअपडेट: 2026-07-17करीब 12 मिनट
इनवाइट कोड से बाइनेंस पर रजिस्टर करें, फ़ीस में 20% छूट* BN6971 बाइनेंस पर रजिस्टर करें *छूट की दर बाइनेंस के पेज पर दिखने वाली मौजूदा जानकारी के अनुसार; नीति बदलने पर यह बदल सकती है। रजिस्टर करने से पहले देख लें कि आपके इलाके में बाइनेंस उपलब्ध है या नहीं। यह बाइनेंस की आधिकारिक साइट नहीं है — हम एक स्वतंत्र गाइड हैं।
क्रिप्टो चार्ट के पाँच बुनियादी नंबर: कीमत, 24 घंटे का बदलाव, market cap, वॉल्यूम और मार्केट का मूड

पहली बार क्रिप्टो का चार्ट खोलो तो स्क्रीन पर हरे-लाल नंबर, ऊपर-नीचे भागती लाइनें और ऐसे शब्द दिखते हैं जो कहीं और सुने ही नहीं। ज़्यादातर लोग वहीं टैब बंद कर देते हैं। सच ये है कि शुरुआत में आपको सब कुछ समझने की ज़रूरत ही नहीं — पाँच नंबर काफ़ी हैं: कीमत, 24 घंटे का बदलाव, market cap, वॉल्यूम और फियर एंड ग्रीड इंडेक्स। ये पाँच पढ़ना आ गया तो चार्ट पहेली नहीं रहेगा, और किसी ग्रुप में कोई coin का नाम उछाल दे तो आप बिना सोचे पीछे नहीं भागोगे। नीचे एक-एक करके, और साथ में ये भी कि बाइनेंस पर ये नंबर कहाँ बैठे हैं।

शुरुआत में ये पाँच नंबर ही काफ़ी हैं

क्रिप्टो के indicators गिनने बैठो तो पचास निकल आएँगे। जिसने अभी-अभी शुरू किया है, उसे इतने की ज़रूरत नहीं। पहले बस ये पाँच:

candle के pattern, order book की depth, funding rate — ये सब बाद के लिए छोड़ दो। इन पाँच पर हाथ बैठ जाए, तब आगे बढ़ना। शुरू में ही दस चीज़ें एक साथ पकड़ने की कोशिश में हाथ कुछ नहीं आता, सिर्फ़ उलझन बढ़ती है।

कीमत: एक ही coin का रेट हर जगह अलग क्यों दिखता है

एक ही Bitcoin, बाइनेंस पर एक रेट, किसी दूसरी साइट पर उससे थोड़ा अलग। कोई धोखा नहीं कर रहा — हर platform का रेट वहीं के खरीदने-बेचने वालों से बनता है। लोग अलग, सौदे अलग, कुछ सेकंड का फ़र्क — रेट में हल्का अंतर आना ही है। दशमलव के बाद का अंतर आम बात है; जिस exchange पर आप असल में order लगा रहे हो, उसी के पेज पर दिखने वाला रेट आपके लिए सही रेट है, बाकी नंबरों के पीछे दिमाग़ खपाने की ज़रूरत नहीं।

भारत में बैठे लोगों के लिए इस बात का एक और पहलू है। CoinDCX या WazirX जैसे भारतीय exchange आपको रेट सीधे ₹ में दिखाते हैं, जबकि बाइनेंस पर वही Bitcoin USDT में दिखता है। दोनों को मिलाकर देखो तो नंबर अक्सर पूरी तरह मैच नहीं करते, और इसकी वजह सिर्फ़ डॉलर का रेट नहीं है। भारतीय exchange पर ₹ वाले pair का अपना अलग order book होता है — उसमें उस वक़्त कितने लोग खरीद-बेच रहे हैं, इसी से वहाँ का भाव बनता है। इसलिए वहाँ का ₹ रेट, डॉलर वाले रेट को ₹ में बदलने पर जो बनता है, उससे थोड़ा ऊपर या नीचे चल सकता है (लोग इसे premium या discount कहते हैं)। यानी दोनों जगह का रेट अलग दिखे तो ये गड़बड़ी नहीं है — ये एक ही चीज़ के दो अलग काउंटर हैं।

और यहीं एक आदत डाल लो: बाइनेंस का चार्ट देखते वक़्त दिमाग़ में हल्का-सा हिसाब चलता रहना चाहिए, क्योंकि वहाँ हर चीज़ USDT में है और USDT डॉलर से बँधा है, ₹ से नहीं। 500 USDT का मतलब 500 रुपये नहीं — डॉलर के मौजूदा रेट से गुणा करोगे तब असली ₹ वाली रकम मिलेगी। हर बार calculator निकालने की ज़रूरत नहीं, प्राइस कन्वर्टर में मात्रा डाल दो, हिसाब सामने आ जाएगा।

24 घंटे में 10% — ये ज़्यादा है या कम

नया आदमी सबसे पहले यही नंबर देखता है, और अक्सर सबसे पहला गलत अंदाज़ा भी यहीं लगाता है। क्रिप्टो में उतार-चढ़ाव शेयर बाज़ार से कहीं ज़्यादा है। Nifty एक दिन में 1% हिल जाए तो शाम तक न्यूज़ चैनल पर बहस छिड़ जाती है; बड़े crypto coins का एक दिन में 3%–10% ऊपर-नीचे होना बस एक सामान्य दिन है, और छोटे coins का एक दिन में दोगुना या आधा हो जाना भी अनसुना नहीं। एक मोटा पैमाना (बड़े coins को सामने रखकर; ये कोई नियम नहीं, सिर्फ़ अंदाज़े के लिए):

24h बदलावमोटे तौर पर इसका मतलब
±0%–3%शांत दिन, कुछ खास नहीं
±3%–8%थोड़ी हलचल, शायद कोई खबर आई है
±8%–15%साफ़ दिखता उतार-चढ़ाव, मूड गरम है
±15% से ज़्यादातेज़ झटका; या तो बड़ी खबर है, या किसी छोटे coin को ऊपर/नीचे धकेला गया है

एक हिसाब जो लगभग सबको धोखा देता है: 50% गिरने के बाद 50% चढ़ना काफ़ी नहीं होता। ₹1,00,000 आधे होकर ₹50,000 रह गए, तो वापस ₹1,00,000 पर पहुँचने के लिए 50% नहीं, पूरे 100% चाहिए। दिमाग़ इसे मानने में देर लगाता है, इसलिए एक बार खुद ठोककर देख लो — प्रॉफ़िट/लॉस · ब्रेकईवन कैलकुलेटर में नुकसान का प्रतिशत डालोगे तो साफ़ दिखेगा कि वापसी का रास्ता कितना लंबा है। यही एक हिसाब बैठ जाए तो गिरते बाज़ार में leverage लगाने का मन अपने आप कम हो जाता है। पूरा गणित प्रॉफ़िट-लॉस का प्रतिशत कैसे निकालें में खोला है।

देखते-देखते सीखना है तो एक account चाहिए

पढ़ लिया, अब यही चीज़ें असली स्क्रीन पर ढूँढकर देखो — तभी बात दिमाग़ में बैठती है। इनवाइट कोड BN6971 से बाइनेंस पर रजिस्टर करने पर फ़ीस में 20% छूट मिलती है; यह इनवाइट लिंक है, हमें इसका कमीशन मिलता है और आपकी फ़ीस पर इसका कोई असर नहीं पड़ता।

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Market cap: coin का रेट देखकर सस्ता-महँगा मत तय करो

नए लोगों की सबसे बड़ी गलतफ़हमी यही है: «ये coin तो सिर्फ़ ₹2 का है, सस्ता है, ले लेते हैं; वो वाला लाखों में एक है, बहुत महँगा।» — एक coin का रेट अकेले कुछ नहीं बताता। मार्केट में किसी coin का असली वज़न market cap = रेट × चलन में मौजूद coins से तय होता है — CoinGecko अपने methodology पेज पर इसी फ़ॉर्मूले से इसे गिनता है, और locked coins को supply से घटा देता है। किसी भी coin का market cap और supply ऐसी साइटों के coin पेज पर मिल जाता है।

एक बनावटी उदाहरण से बात साफ़ हो जाएगी:

coin Acoin B
एक coin का रेट₹2₹2,00,000
चलन में मौजूद coins20,000 करोड़10 लाख
Market cap₹40,000 करोड़₹20,000 करोड़

रेट देखकर coin A «सस्ता» लगता है, जबकि मार्केट में उसका वज़न coin B से दोगुना है। इसीलिए «₹2 वाला coin ₹5,000 तक जाएगा» जैसी बात सुनते ही एक बार market cap का हिसाब लगा लेना — पता चल जाएगा कि उसके लिए कितना बेतुका आँकड़ा चाहिए। रेट और वज़न के बीच की ये उलझन अकेले में और भी गहरी है, उस पर market cap क्या है, ज़्यादा market cap मतलब ज़्यादा सुरक्षित? अलग से लिखा है; और जिससे अक्सर घालमेल हो जाता है वो है circulating supply, total supply और FDV का फ़र्क

वॉल्यूम: सच में कोई खरीद-बेच रहा है या नहीं

वॉल्यूम यानी एक तय समय में कितनी खरीद-बिक्री हुई। ये एक बहुत सीधे सवाल का जवाब देता है: इस रेट पर सच में सौदे हो रहे हैं, या ये स्क्रीन पर लिखा एक नंबर भर है जिसे कोई छू नहीं रहा?

मोटे तौर पर: रेट ऊपर जा रहा हो और वॉल्यूम भी बढ़ रहा हो, तो उस चढ़ाई के पीछे असली पैसा है और बात कुछ ज़्यादा भरोसे की है। रेट चढ़ रहा हो पर वॉल्यूम ठंडा पड़ा हो, तो अक्सर दम नहीं होता और वो चढ़ाई जल्दी वापस आ जाती है। और जिस छोटे coin का वॉल्यूम हमेशा कम रहता है, वहाँ खरीदते वक़्त भी और बेचते वक़्त भी सामने कोई नहीं मिलता — कई लोग ऐसे ही coins में फँसकर बैठ जाते हैं, अंदर जाने का रास्ता खुला था पर निकलने का दरवाज़ा ही नहीं था। इस पर विस्तार से वॉल्यूम क्या बताता है, बढ़ता-घटता वॉल्यूम कैसे पढ़ें में।

फियर एंड ग्रीड इंडेक्स: मार्केट का मूड एक नज़र में

रेट बताता है «कितने का है», फियर एंड ग्रीड इंडेक्स बताता है «लोगों का मन क्या कह रहा है»। ये खबरों, उतार-चढ़ाव, वॉल्यूम वगैरह को मिलाकर 0 से 100 के बीच एक नंबर बना देता है: 0 के जितना पास, उतना डर (हर तरफ़ गिरने की बात); 100 के जितना पास, उतना लालच (सब भागकर खरीद रहे हैं)।

इंडेक्समार्केट का मूडनए लोगों के लिए इशारा
0–24बहुत ज़्यादा डरडर में मत बहो, पर सस्ते में लपकने की जल्दी भी मत करो
25–44डरमूड ठंडा है, देखो ज़्यादा करो कम
45–55न्यूट्रलदिशा साफ़ नहीं, समझकर ही आगे बढ़ो
56–75लालचमूड गरम है, भीड़ के पीछे मत भागो
76–100बहुत ज़्यादा लालचजितना गरम, उतना संभलकर
फियर एंड ग्रीड इंडेक्स मूड का पैमाना है, खरीदने-बेचने का सिग्नल नहीं। ये आपको तब ठंडा करता है जब बाकी लोग लालच में हैं, और तब शांत रखता है जब बाकी लोग डर रहे हैं — लेकिन खरीदना है या नहीं और कब खरीदना है, ये कोई नंबर आपके लिए तय नहीं कर सकता।

होम पेज पर सबसे ऊपर जो आधे गोले वाला मीटर है, वो यही इंडेक्स है और लाइव चलता है; डेटा alternative.me से आता है, जहाँ हर हिस्से का वज़न भी लिखा है। ये नंबर बनता कैसे है और इसे इस्तेमाल कैसे करना है, ये फियर एंड ग्रीड इंडेक्स क्या है में पूरा खोला है; सिर्फ़ आज का नंबर और पिछले कुछ दिनों की चाल देखनी हो तो फियर एंड ग्रीड रीडर खोल लो।

बाइनेंस पर ये नंबर कहाँ मिलेंगे

क्या देखना है ये तो तय हो गया, अब «कहाँ देखना है»। बाइनेंस के App या वेबसाइट पर कोई भी trading pair खोलो (जैसे BTC/USDT) — सबसे ऊपर रेट और 24 घंटे का बदलाव मिलेगा; बीच में candle chart है, जिसमें 15 मिनट, 1 घंटा, 1 दिन जैसे period बदले जा सकते हैं; उसके नीचे वॉल्यूम की पट्टियाँ उसी chart के साथ-साथ चलती हैं; और market cap और रैंकिंग «Markets» वाली list में दिख जाती है। कौन-सा बटन कहाँ है, ये कदम-दर-कदम बाइनेंस पर चार्ट कैसे देखें में लिखा है।

एक बात जो भारत में बैठकर चार्ट देखने वालों को जल्दी समझ लेनी चाहिए: क्रिप्टो मार्केट 24 घंटे चलता है, पर सारे घंटे एक जैसे नहीं होते। सबसे तेज़ हलचल अक्सर तब आती है जब अमेरिका जागता है — यानी IST के हिसाब से देर शाम से लेकर आधी रात के बाद तक। भारतीय सुबह और दोपहर तुलना में ठंडी रहती है। इसका मतलब ये नहीं कि रात भर जागकर स्क्रीन देखो; उल्टा, इसका मतलब ये है कि सुबह उठकर आप जो «रातों-रात 7% गिर गया» देखते हो, वो अक्सर आपके सोते वक़्त हुई आम हलचल है, कोई हादसा नहीं। नए लोग यहीं घबराकर सुबह-सुबह जल्दबाज़ी में फ़ैसला ले लेते हैं।

अभी account नहीं है और असली स्क्रीन पर अभ्यास करना है? बाइनेंस पर account कैसे बनाएँ वाली गाइड में रजिस्ट्रेशन से लेकर पहली बार चार्ट पढ़ने तक का रास्ता एक-एक कदम लिखा है, और साथ में इनवाइट कोड से फ़ीस की छूट भी लग जाती है।

नए लोग यहीं फिसलते हैं

आख़िर में एक बात सीधे कह देते हैं: चार्ट पढ़ना इसलिए नहीं सीखा जाता कि आप आगे का रेट बता सको — वो किसी से नहीं होता, और जो दावा करे उससे दूरी बना लेना। ये इसलिए सीखा जाता है कि आपको पता हो कि आप कहाँ खड़े हो: मार्केट अभी गरम है या ठंडा, जो चीज़ आप देख रहे हो वो बड़ी है या छोटी, और एक झटके का मतलब क्या है। इतना आ गया तो आप उन ज़्यादातर लोगों से आगे हो जो सिर्फ़ हरा-लाल रंग देखकर बटन दबा रहे हैं।

एडिटोरियल टीम की तरफ़ से: ऊपर दिए गए प्रतिशत के दायरे और मूड की श्रेणियाँ आपको अंदाज़ा देने के लिए हैं, कोई तय पैमाना नहीं; असली आँकड़े के लिए उसी पेज को देखो जहाँ आप live रेट देख रहे हो। रजिस्ट्रेशन और चार्ट पढ़ने का रास्ता हमने खुद चलकर देखा है, और यहाँ वही जगहें लिखी हैं जहाँ नए लोग सचमुच अटकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बिलकुल शुरुआत में कौन-से नंबर पढ़ना सीखना चाहिए?
पाँच से काम चल जाएगा: कीमत, 24 घंटे का बदलाव, market cap, वॉल्यूम और फियर एंड ग्रीड इंडेक्स। कीमत बताती है अभी रेट क्या है, 24 घंटे का बदलाव बताता है पिछले दिन ऊपर गया या नीचे, market cap बताता है मार्केट में ये coin बड़ा है या छोटा, वॉल्यूम बताता है सच में कोई खरीद-बेच रहा है या नहीं, और फियर एंड ग्रीड बताता है कि लोगों का मूड गरम है या ठंडा। ये पाँच पढ़ना आ गया तो चार्ट पहेली नहीं रहेगा।
एक ही coin का रेट बाइनेंस और भारतीय exchange पर अलग क्यों दिखता है?
क्योंकि हर platform का रेट वहीं के खरीदने-बेचने वालों से बनता है। बाइनेंस पर रेट USDT यानी डॉलर में बनता है, जबकि CoinDCX या WazirX जैसे भारतीय exchange पर ₹ वाले pair का अपना अलग order book होता है — उसमें उस वक़्त कितने लोग खरीद-बेच रहे हैं, इसके हिसाब से वहाँ का ₹ रेट डॉलर वाले रेट से थोड़ा ऊपर या नीचे चल सकता है। दोनों जगह नंबर मैच न करें तो घबराने की बात नहीं; जिस exchange पर आप असल में order लगा रहे हो, उसी के पेज पर दिखने वाला रेट आपके लिए सही रेट है।
जिस coin का रेट ज़्यादा है, क्या वो बेहतर या महँगा coin है?
नहीं। एक coin का रेट अकेले कुछ नहीं बताता, देखना market cap है — यानी रेट गुणा चलन में मौजूद coins। ₹2 का कोई coin, जिसके अरबों coins चलन में हैं, market cap में उस coin से कहीं बड़ा हो सकता है जिसका एक टुकड़ा लाखों में मिलता है। मार्केट में किसी coin का वज़न market cap से तय होता है, रेट के टैग से नहीं।
फियर एंड ग्रीड ज़्यादा हो तो बेच देना और कम हो तो खरीद लेना चाहिए?
नहीं, ये मूड का पैमाना है, खरीदने-बेचने का सिग्नल नहीं। इंडेक्स बहुत ज़्यादा लालच में हो तो ये याद दिलाता है कि भीड़ के पीछे मत भागो, और बहुत ज़्यादा डर में हो तो ये याद दिलाता है कि घबराहट में मत बहो। लेकिन खरीदना है या नहीं और कब खरीदना है, ये कोई नंबर आपके लिए तय नहीं कर सकता। ये आपको ठंडा करता है, आपकी जगह order नहीं लगाता।
क्रिप्टो प्रोडक्ट और NFT अनियमित (unregulated) हैं और इनमें बहुत ज़्यादा जोखिम हो सकता है। ऐसे लेन-देन में हुए किसी भी नुकसान के लिए कोई नियामकीय सहारा (regulatory recourse) नहीं मिलेगा। (Crypto products and NFTs are unregulated and can be highly risky. There may be no regulatory recourse for any loss from such transactions.) यह बाइनेंस की आधिकारिक साइट नहीं है — हम एक स्वतंत्र गाइड हैं। इस पेज पर मौजूद इनवाइट लिंक से रजिस्टर करने पर आपको फ़ीस में छूट मिलती है; हमें कमीशन मिलता है, आपकी फ़ीस पर इसका कोई असर नहीं पड़ता। रजिस्टर करने से पहले देख लें कि आपके इलाके में बाइनेंस उपलब्ध है या नहीं। यह पूरा पेज सिर्फ़ जानकारी के लिए है, कोई निवेश सलाह नहीं।

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