सर्कुलेटिंग सप्लाई, टोटल सप्लाई, मैक्स सप्लाई और FDV में क्या फ़र्क़ है

Telegram के किसी ग्रुप में यह लाइन आपने ज़रूर पढ़ी होगी: यह सिक्का अभी सिर्फ़ ₹0.50 का है, अगले महीने ₹5 पर होगा, सस्ता है, भर लो। सस्ता शब्द ही वह चारा है जिस पर भारत में सबसे ज़्यादा नए लोग फँसते हैं — क्योंकि सस्ता तय होता है सप्लाई से, और सप्लाई वाले नंबर कोई नहीं देखता। सर्कुलेटिंग सप्लाई यानी अभी बाज़ार में कितने चल रहे हैं, टोटल सप्लाई यानी अब तक कुल कितने बन चुके हैं, मैक्स सप्लाई यानी ज़्यादा से ज़्यादा कितने बनेंगे, और FDV यानी सब बाज़ार में आ गए तो पूरा कितने का होगा। चारों नाम एक जैसे लगते हैं, हमेशा साथ-साथ लिखे मिलते हैं, और इनमें से एक भी गड्डमड्ड हुआ तो किसी एसेट का असली आकार आप ऊपर या नीचे आँक बैठेंगे। सबसे ज़्यादा चोट वहाँ लगती है जहाँ कैप छोटा दिख रहा होता है पर ढेरों सिक्के अभी लॉक पड़े हैं। एक टेबल और एक मिसाल — चारों हमेशा के लिए साफ़।
चारों नंबर, एक टेबल में
पहले एक-एक लाइन की परिभाषा, कॉलम से कॉलम मिलाकर देख लीजिए:
| नंबर | एक लाइन में | किस सवाल का जवाब |
|---|---|---|
| सर्कुलेटिंग सप्लाई | अभी बाज़ार में चल रहे और ट्रेड हो सकने वाले सिक्के | आज का आकार कितना है |
| टोटल सप्लाई | अब तक बन चुके सारे सिक्के (लॉक वाले भी) | कितने बन चुके हैं |
| मैक्स सप्लाई | नियम में तय ऊपरी सीमा | छत कहाँ है |
| FDV (फ़ुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन) | कीमत × मैक्स सप्लाई, सब चलन में आने के बाद का वैल्यूएशन | सब आ गए तो कितने का |
आपस का रिश्ता आम तौर पर यह रहता है: सर्कुलेटिंग सप्लाई ≤ टोटल सप्लाई ≤ मैक्स सप्लाई। जो चल रहा है वह बन तो चुका ही होगा, और जो बन चुका है वह छत से ऊपर नहीं जा सकता। यह कड़ी याद रह गई तो आगे कुछ नहीं उलझेगा।
सर्कुलेटिंग सप्लाई सबसे ज़्यादा मायने क्यों रखती है
चारों में सबसे सीधा वास्ता इसी से है, क्योंकि मौजूदा मार्केट कैप यही तय करती है। मार्केट कैप = कीमत × सर्कुलेटिंग सप्लाई। मार्केट पेज पर जो कैप और रैंक दिखती है, वह इसी से बनी है। यह बताती है कि इस वक्त सचमुच कितने सिक्के बाज़ार में घूम रहे हैं — और खरीद-बिक्री कितनी गहरी है, भाव को हिलाना कितना आसान है, यह काफ़ी हद तक इसी पर टिका है।
पर इसमें एक पेच है: यह सिर्फ़ आज की बात करती है, कल की नहीं। हो सकता है किसी एसेट की सिर्फ़ 10% सप्लाई बाज़ार में छोड़ी गई हो और बाकी 90% टीम, निवेशकों और फ़ाउंडेशन के पास लॉक हो, जो किश्तों में खुलेगी। मार्केट साइटें यही तरीका अपनाती हैं — CoinGecko अपने methodology पेज पर लिखता है कि टोटल सप्लाई में से लॉक पते वाले coins घटाकर सर्कुलेटिंग सप्लाई निकाली जाती है, और वे लॉक पते प्रोजेक्ट की टीम खुद बताती है। यानी यह आँकड़ा कितना सही है, इसका कुछ हिस्सा टीम की ईमानदारी पर टिका है। सिर्फ़ आज की सर्कुलेटिंग सप्लाई से कैप निकालेंगे तो लगेगा कि आकार छोटा है, सस्ता है — और वह 90% जो देर-सबेर आना ही है, नज़र से छूट जाएगा। यही छेद नीचे FDV भरता है। मार्केट कैप खुद कैसे निकलती है और सिर्फ़ भाव देखना क्यों गलत है, यह दोहराना हो तो पढ़िए मार्केट कैप क्या है और क्या बड़ा कैप सुरक्षित होता है।
टोटल सप्लाई और मैक्स सप्लाई का फ़र्क़
ये दोनों सबसे ज़्यादा आपस में घुल जाते हैं। फ़र्क़ बस एक लाइन का है: टोटल सप्लाई यानी अब तक कितने बन चुके, मैक्स सप्लाई यानी ज़्यादा से ज़्यादा कितने बन सकते हैं।
- टोटल सप्लाई बदलती रहती है। प्रोजेक्ट नए सिक्के बनाए तो बढ़ जाती है; सिक्के बर्न करे यानी हमेशा के लिए ऐसे पते पर भेज दे जहाँ से वे कभी वापस नहीं आ सकते, तो घट जाती है। यह इस पल का स्नैपशॉट है।
- मैक्स सप्लाई आम तौर पर नियम में पक्की लिखी सीमा होती है। सबसे जाना-पहचाना उदाहरण Bitcoin है — मैक्स सप्लाई 2.1 करोड़, यह उसके प्रोटोकॉल में तय छत है, इससे ऊपर कभी नहीं जाएगी। यह किसी की राय नहीं, प्रोटोकॉल का नियम है: bitcoin.org के FAQ पर साफ़ लिखा है कि कुल 2.1 करोड़ Bitcoin ही बनेंगे, और नए coins बनने की रफ़्तार बीच-बीच में आधी होती जाती है जब तक वो पूरी तरह रुक न जाए।
सर्कुलेटिंग सप्लाई, टोटल सप्लाई, मैक्स सप्लाई और मार्केट कैप — बाइनेंस पर हर एसेट के डिटेल पेज में ये आम तौर पर लिखे होते हैं। किसी असली प्रोजेक्ट पर एक बार खुद खोलकर देख लीजिए, परिभाषा रटने से कहीं पक्का बैठेगा। इनवाइट कोड BN6971 से रजिस्टर करने पर फ़ीस में 20% छूट मिलती है।
बाइनेंस पर रजिस्टर करें · 20% छूटFDV — यहीं सबसे ज़्यादा चोट लगती है
FDV (फ़ुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन) = मौजूदा कीमत × मैक्स सप्लाई। मतलब — अगर इस एसेट के सारे सिक्के बाज़ार में आ जाएँ और भाव आज वाला ही रहे, तो पूरा कितने का बैठेगा। यह आज का नहीं, आगे का वैल्यूएशन है।
इस पर नज़र क्यों रखनी है? क्योंकि मार्केट कैप और FDV में जितना बड़ा फ़ासला, उतना ही पक्का कि अभी जो दिख रहा है वह बर्फ़ की चोटी भर है। मान लीजिए किसी एसेट का कैप ₹500 करोड़ है — सुनने में हल्का — पर FDV ₹5,000 करोड़ है। इसका सीधा मतलब है कि अभी दसवाँ हिस्सा ही चल रहा है, बाकी नौ हिस्से लॉक हैं और किश्तों में बाज़ार में आएँगे। वे सिक्के जिनके पास हैं — टीम, शुरुआती निवेशक — उन्हें जिस दिन पैसा निकालना होगा, उस दिन वह बिकवाली आपके सामने ही उतरेगी। कम सर्कुलेटिंग सप्लाई वाले दौर में पीछे-पीछे घुसने का मतलब अक्सर यही होता है कि आगे होने वाले अनलॉक का माल आप उठा रहे हैं।
यहाँ उस Telegram वाली लाइन पर लौटिए। जिस सिक्के को सस्ता कहकर बेचा जा रहा है, उसका भाव ₹0.50 इसलिए है क्योंकि सप्लाई बहुत बड़ी रखी गई है — और अक्सर उसका बड़ा हिस्सा अभी लॉक है। सस्ता वहाँ कुछ नहीं है; बस नंबर छोटा दिख रहा है। असली सवाल भाव नहीं है, असली सवाल यह है: कैप कितना है, FDV कितना है, और अनलॉक कब-कब हैं। टिप देने वाला यह तीन नंबर कभी नहीं भेजता। ये तीनों मार्केट पेज पर खुद देखने में आधा मिनट लगता है, और यही आधा मिनट अक्सर सबसे महँगा सबक बचा लेता है।
एक मिसाल, चारों एक साथ
मान लीजिए एक एसेट है, भाव ₹1, और आँकड़े ये हैं:
| नंबर | वैल्यू | कहाँ से आया / मतलब |
|---|---|---|
| भाव | ₹1 | अभी का बाज़ार भाव |
| सर्कुलेटिंग सप्लाई | 10 करोड़ सिक्के | अभी बाज़ार में ट्रेड हो सकने वाले |
| टोटल सप्लाई | 30 करोड़ सिक्के | बन चुके, इनमें 20 करोड़ लॉक हैं |
| मैक्स सप्लाई | 100 करोड़ सिक्के | नियम में तय छत, 70 करोड़ बनने बाकी |
| मौजूदा मार्केट कैप | ₹10 करोड़ | भाव × सर्कुलेटिंग सप्लाई |
| FDV | ₹100 करोड़ | भाव × मैक्स सप्लाई |
बात खुल गई? कैप सिर्फ़ ₹10 करोड़ है — छोटा, प्यारा, सस्ता लगने वाला। पर FDV उसका दस गुना है। अकेला कैप देखेंगे तो लगेगा कोई छोटा दमदार एसेट हाथ लग गया; FDV सामने रखते ही दिखेगा कि आगे नौ गुना सिक्के इसी बाज़ार में उड़ेलने बाकी हैं। एक ही एसेट, एक नंबर से देखने पर और चारों नंबर साथ देखने पर — नतीजा ज़मीन-आसमान का।
इन नंबरों का इस्तेमाल कैसे करें
- सर्कुलेटिंग सप्लाई × भाव — पहले मौजूदा कैप निकालिए, आज का आकार सामने आएगा;
- टोटल सप्लाई से मिलाइए — देखिए कि बन तो चुके हैं पर लॉक पड़े हैं, ऐसे कितने सिक्के अनलॉक होने की कतार में हैं;
- मैक्स सप्लाई देखिए — पता चलेगा कि लंबे समय में और सिक्के बनेंगे या कोई पक्की छत है;
- FDV को कैप के सामने रखिए — दोनों में जितना बड़ा फ़ासला, आगे डाइल्यूशन का दबाव उतना ही ज़्यादा।
असल बात यह है कि ये चार नंबर आपको रटने के लिए नहीं हैं। ये आपसे दिल हारने से पहले एक सवाल पुछवाने के लिए हैं: जो आकार मुझे अभी दिख रहा है, वह पूरा है, या सिर्फ़ पहली किश्त? इतना सोच लेने भर से आप वैल्यूएशन के उस गड्ढे से बच जाते हैं जिसमें नए लोग सबसे ज़्यादा गिरते हैं। आख़िर में खरीदना है या नहीं, वह प्रोजेक्ट की और भी बहुत सी बातों पर टिका है — यह पेज सिर्फ़ नंबर पढ़ना सिखा रहा है, यह निवेश सलाह नहीं है।
ये नंबर देखने कहाँ जाएँ, और देखें कैसे
फ़र्क़ तो समझ आ गया, अब इसे बरतें कैसे? बाइनेंस या किसी भी बड़े मार्केट डेटा पेज पर एसेट के डिटेल में ये सब आम तौर पर मिल जाते हैं: Market Cap, FDV, Circulating Supply, Total Supply, Max Supply। देखते वक्त कुछ छोटी आदतें बहुत बचाती हैं।
पहले यह देखिए कि सर्कुलेटिंग सप्लाई, मैक्स सप्लाई का कितना हिस्सा है। जैसे मैक्स सप्लाई 100 करोड़ और अभी चल रहे सिर्फ़ 10 करोड़ — मतलब नब्बे फ़ीसदी अभी बाहर आना बाकी है, और अनलॉक का दबाव सिर पर लटका है। ऐसे एसेट आज कितनी भी तेज़ी से भाग रहे हों, हर बड़ा अनलॉक बिकवाली ला सकता है, यह याद रखिए।
फिर कैप और FDV को साथ रखिए। दोनों पास-पास हैं तो लगभग सारे सिक्के चलन में हैं और वैल्यूएशन ठोस ज़मीन पर है। दोनों में कई गुना का फ़र्क़ है तो आज का भाव इस शर्त पर टिका है कि ज़्यादातर सिक्के अभी बाज़ार में आए ही नहीं हैं — जिस दिन वे आएँगे, उतना ही कैप ज़्यादा सिक्कों में बँटेगा और भाव पर दबाव पड़ना लाज़मी है।
और एक ही जगह के भरोसे मत रहिए। टोटल सप्लाई और सर्कुलेटिंग सप्लाई की गिनती अलग-अलग प्लैटफ़ॉर्म पर थोड़ी अलग हो सकती है — बर्न और लॉक को कौन कैसे गिनता है, इसमें एकरूपता नहीं है। एक-दो जगह से मिलाकर देख लीजिए, नंबर आपस में बैठ जाएँ तो चैन रहता है। ये सब मार्केट पेज पर बने-बनाए मिलते हैं, खुद कुछ गिनना नहीं है — बस पैसा लगाने से पहले एक नज़र डालने की आदत डाल लीजिए।
एडिटोरियल टीम की तरफ़ से: मिसालों में दिए नंबर सिर्फ़ समझाने के लिए गढ़े गए हैं, किसी असली एसेट की तरफ़ इशारा नहीं करते; सप्लाई से जुड़े आँकड़ों के लिए मार्केट पेज और प्रोजेक्ट की अपनी घोषणाएँ ही अंतिम हैं। Bitcoin की 2.1 करोड़ की छत उसके प्रोटोकॉल का नियम है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सर्कुलेटिंग सप्लाई और टोटल सप्लाई में क्या फ़र्क़ है?
क्या मैक्स सप्लाई और टोटल सप्लाई एक ही चीज़ है?
FDV ज़्यादा हो तो इसका क्या मतलब है?
किसी एसेट को देखते वक्त इनमें से किसे देखना चाहिए?
आगे पढ़िए: मार्केट कैप क्या है और क्या बड़ा कैप सुरक्षित होता है · क्रिप्टो मार्केट की बेसिक बातें · बाइनेंस पर मार्केट कैसे देखें