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सर्कुलेटिंग सप्लाई, टोटल सप्लाई, मैक्स सप्लाई और FDV में क्या फ़र्क़ है

DYORly एडिटोरियल टीमअपडेट: 2026-07-17करीब 9 मिनट
इनवाइट कोड से बाइनेंस पर रजिस्टर कीजिए, फ़ीस पर 20% छूट* BN6971 बाइनेंस पर रजिस्टर करें *छूट की दर बाइनेंस के पेज पर दिखने वाली मौजूदा जानकारी के अनुसार; नीति बदलने पर यह बदल सकती है। रजिस्टर करने से पहले देख लें कि आपके इलाके में बाइनेंस उपलब्ध है या नहीं। यह बाइनेंस की आधिकारिक साइट नहीं है — हम एक स्वतंत्र गाइड हैं।
सप्लाई के चार नंबर आमने-सामने: सर्कुलेटिंग सप्लाई, टोटल सप्लाई, मैक्स सप्लाई और FDV

Telegram के किसी ग्रुप में यह लाइन आपने ज़रूर पढ़ी होगी: यह सिक्का अभी सिर्फ़ ₹0.50 का है, अगले महीने ₹5 पर होगा, सस्ता है, भर लो। सस्ता शब्द ही वह चारा है जिस पर भारत में सबसे ज़्यादा नए लोग फँसते हैं — क्योंकि सस्ता तय होता है सप्लाई से, और सप्लाई वाले नंबर कोई नहीं देखता। सर्कुलेटिंग सप्लाई यानी अभी बाज़ार में कितने चल रहे हैं, टोटल सप्लाई यानी अब तक कुल कितने बन चुके हैं, मैक्स सप्लाई यानी ज़्यादा से ज़्यादा कितने बनेंगे, और FDV यानी सब बाज़ार में आ गए तो पूरा कितने का होगा। चारों नाम एक जैसे लगते हैं, हमेशा साथ-साथ लिखे मिलते हैं, और इनमें से एक भी गड्डमड्ड हुआ तो किसी एसेट का असली आकार आप ऊपर या नीचे आँक बैठेंगे। सबसे ज़्यादा चोट वहाँ लगती है जहाँ कैप छोटा दिख रहा होता है पर ढेरों सिक्के अभी लॉक पड़े हैं। एक टेबल और एक मिसाल — चारों हमेशा के लिए साफ़।

चारों नंबर, एक टेबल में

पहले एक-एक लाइन की परिभाषा, कॉलम से कॉलम मिलाकर देख लीजिए:

नंबरएक लाइन मेंकिस सवाल का जवाब
सर्कुलेटिंग सप्लाईअभी बाज़ार में चल रहे और ट्रेड हो सकने वाले सिक्केआज का आकार कितना है
टोटल सप्लाईअब तक बन चुके सारे सिक्के (लॉक वाले भी)कितने बन चुके हैं
मैक्स सप्लाईनियम में तय ऊपरी सीमाछत कहाँ है
FDV (फ़ुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन)कीमत × मैक्स सप्लाई, सब चलन में आने के बाद का वैल्यूएशनसब आ गए तो कितने का

आपस का रिश्ता आम तौर पर यह रहता है: सर्कुलेटिंग सप्लाई ≤ टोटल सप्लाई ≤ मैक्स सप्लाई। जो चल रहा है वह बन तो चुका ही होगा, और जो बन चुका है वह छत से ऊपर नहीं जा सकता। यह कड़ी याद रह गई तो आगे कुछ नहीं उलझेगा।

सर्कुलेटिंग सप्लाई सबसे ज़्यादा मायने क्यों रखती है

चारों में सबसे सीधा वास्ता इसी से है, क्योंकि मौजूदा मार्केट कैप यही तय करती है। मार्केट कैप = कीमत × सर्कुलेटिंग सप्लाई। मार्केट पेज पर जो कैप और रैंक दिखती है, वह इसी से बनी है। यह बताती है कि इस वक्त सचमुच कितने सिक्के बाज़ार में घूम रहे हैं — और खरीद-बिक्री कितनी गहरी है, भाव को हिलाना कितना आसान है, यह काफ़ी हद तक इसी पर टिका है।

पर इसमें एक पेच है: यह सिर्फ़ आज की बात करती है, कल की नहीं। हो सकता है किसी एसेट की सिर्फ़ 10% सप्लाई बाज़ार में छोड़ी गई हो और बाकी 90% टीम, निवेशकों और फ़ाउंडेशन के पास लॉक हो, जो किश्तों में खुलेगी। मार्केट साइटें यही तरीका अपनाती हैं — CoinGecko अपने methodology पेज पर लिखता है कि टोटल सप्लाई में से लॉक पते वाले coins घटाकर सर्कुलेटिंग सप्लाई निकाली जाती है, और वे लॉक पते प्रोजेक्ट की टीम खुद बताती है। यानी यह आँकड़ा कितना सही है, इसका कुछ हिस्सा टीम की ईमानदारी पर टिका है। सिर्फ़ आज की सर्कुलेटिंग सप्लाई से कैप निकालेंगे तो लगेगा कि आकार छोटा है, सस्ता है — और वह 90% जो देर-सबेर आना ही है, नज़र से छूट जाएगा। यही छेद नीचे FDV भरता है। मार्केट कैप खुद कैसे निकलती है और सिर्फ़ भाव देखना क्यों गलत है, यह दोहराना हो तो पढ़िए मार्केट कैप क्या है और क्या बड़ा कैप सुरक्षित होता है

टोटल सप्लाई और मैक्स सप्लाई का फ़र्क़

ये दोनों सबसे ज़्यादा आपस में घुल जाते हैं। फ़र्क़ बस एक लाइन का है: टोटल सप्लाई यानी अब तक कितने बन चुके, मैक्स सप्लाई यानी ज़्यादा से ज़्यादा कितने बन सकते हैं।

ध्यान दीजिए: हर एसेट की मैक्स सप्लाई होती ही नहीं। कुछ में डिज़ाइन ऐसा है कि नए सिक्के बनते रह सकते हैं, कोई पक्की छत नहीं। ऐसे एसेट में मैक्स सप्लाई वाला खाना खाली मिलेगा या उसमें कोई सीमा नहीं लिखा होगा। इनका सख़्त मायनों में FDV निकलता ही नहीं, इसलिए इनके नए सिक्के बनने के नियम ख़ास ध्यान से देखिए।
ये नंबर बाइनेंस के पेज पर ही मिल जाते हैं

सर्कुलेटिंग सप्लाई, टोटल सप्लाई, मैक्स सप्लाई और मार्केट कैप — बाइनेंस पर हर एसेट के डिटेल पेज में ये आम तौर पर लिखे होते हैं। किसी असली प्रोजेक्ट पर एक बार खुद खोलकर देख लीजिए, परिभाषा रटने से कहीं पक्का बैठेगा। इनवाइट कोड BN6971 से रजिस्टर करने पर फ़ीस में 20% छूट मिलती है।

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FDV — यहीं सबसे ज़्यादा चोट लगती है

FDV (फ़ुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन) = मौजूदा कीमत × मैक्स सप्लाई। मतलब — अगर इस एसेट के सारे सिक्के बाज़ार में आ जाएँ और भाव आज वाला ही रहे, तो पूरा कितने का बैठेगा। यह आज का नहीं, आगे का वैल्यूएशन है।

इस पर नज़र क्यों रखनी है? क्योंकि मार्केट कैप और FDV में जितना बड़ा फ़ासला, उतना ही पक्का कि अभी जो दिख रहा है वह बर्फ़ की चोटी भर है। मान लीजिए किसी एसेट का कैप ₹500 करोड़ है — सुनने में हल्का — पर FDV ₹5,000 करोड़ है। इसका सीधा मतलब है कि अभी दसवाँ हिस्सा ही चल रहा है, बाकी नौ हिस्से लॉक हैं और किश्तों में बाज़ार में आएँगे। वे सिक्के जिनके पास हैं — टीम, शुरुआती निवेशक — उन्हें जिस दिन पैसा निकालना होगा, उस दिन वह बिकवाली आपके सामने ही उतरेगी। कम सर्कुलेटिंग सप्लाई वाले दौर में पीछे-पीछे घुसने का मतलब अक्सर यही होता है कि आगे होने वाले अनलॉक का माल आप उठा रहे हैं।

यहाँ उस Telegram वाली लाइन पर लौटिए। जिस सिक्के को सस्ता कहकर बेचा जा रहा है, उसका भाव ₹0.50 इसलिए है क्योंकि सप्लाई बहुत बड़ी रखी गई है — और अक्सर उसका बड़ा हिस्सा अभी लॉक है। सस्ता वहाँ कुछ नहीं है; बस नंबर छोटा दिख रहा है। असली सवाल भाव नहीं है, असली सवाल यह है: कैप कितना है, FDV कितना है, और अनलॉक कब-कब हैं। टिप देने वाला यह तीन नंबर कभी नहीं भेजता। ये तीनों मार्केट पेज पर खुद देखने में आधा मिनट लगता है, और यही आधा मिनट अक्सर सबसे महँगा सबक बचा लेता है।

एक मिसाल, चारों एक साथ

मान लीजिए एक एसेट है, भाव ₹1, और आँकड़े ये हैं:

नंबरवैल्यूकहाँ से आया / मतलब
भाव₹1अभी का बाज़ार भाव
सर्कुलेटिंग सप्लाई10 करोड़ सिक्केअभी बाज़ार में ट्रेड हो सकने वाले
टोटल सप्लाई30 करोड़ सिक्केबन चुके, इनमें 20 करोड़ लॉक हैं
मैक्स सप्लाई100 करोड़ सिक्केनियम में तय छत, 70 करोड़ बनने बाकी
मौजूदा मार्केट कैप₹10 करोड़भाव × सर्कुलेटिंग सप्लाई
FDV₹100 करोड़भाव × मैक्स सप्लाई

बात खुल गई? कैप सिर्फ़ ₹10 करोड़ है — छोटा, प्यारा, सस्ता लगने वाला। पर FDV उसका दस गुना है। अकेला कैप देखेंगे तो लगेगा कोई छोटा दमदार एसेट हाथ लग गया; FDV सामने रखते ही दिखेगा कि आगे नौ गुना सिक्के इसी बाज़ार में उड़ेलने बाकी हैं। एक ही एसेट, एक नंबर से देखने पर और चारों नंबर साथ देखने पर — नतीजा ज़मीन-आसमान का।

इन नंबरों का इस्तेमाल कैसे करें

असल बात यह है कि ये चार नंबर आपको रटने के लिए नहीं हैं। ये आपसे दिल हारने से पहले एक सवाल पुछवाने के लिए हैं: जो आकार मुझे अभी दिख रहा है, वह पूरा है, या सिर्फ़ पहली किश्त? इतना सोच लेने भर से आप वैल्यूएशन के उस गड्ढे से बच जाते हैं जिसमें नए लोग सबसे ज़्यादा गिरते हैं। आख़िर में खरीदना है या नहीं, वह प्रोजेक्ट की और भी बहुत सी बातों पर टिका है — यह पेज सिर्फ़ नंबर पढ़ना सिखा रहा है, यह निवेश सलाह नहीं है।

ये नंबर देखने कहाँ जाएँ, और देखें कैसे

फ़र्क़ तो समझ आ गया, अब इसे बरतें कैसे? बाइनेंस या किसी भी बड़े मार्केट डेटा पेज पर एसेट के डिटेल में ये सब आम तौर पर मिल जाते हैं: Market Cap, FDV, Circulating Supply, Total Supply, Max Supply। देखते वक्त कुछ छोटी आदतें बहुत बचाती हैं।

पहले यह देखिए कि सर्कुलेटिंग सप्लाई, मैक्स सप्लाई का कितना हिस्सा है। जैसे मैक्स सप्लाई 100 करोड़ और अभी चल रहे सिर्फ़ 10 करोड़ — मतलब नब्बे फ़ीसदी अभी बाहर आना बाकी है, और अनलॉक का दबाव सिर पर लटका है। ऐसे एसेट आज कितनी भी तेज़ी से भाग रहे हों, हर बड़ा अनलॉक बिकवाली ला सकता है, यह याद रखिए।

फिर कैप और FDV को साथ रखिए। दोनों पास-पास हैं तो लगभग सारे सिक्के चलन में हैं और वैल्यूएशन ठोस ज़मीन पर है। दोनों में कई गुना का फ़र्क़ है तो आज का भाव इस शर्त पर टिका है कि ज़्यादातर सिक्के अभी बाज़ार में आए ही नहीं हैं — जिस दिन वे आएँगे, उतना ही कैप ज़्यादा सिक्कों में बँटेगा और भाव पर दबाव पड़ना लाज़मी है।

और एक ही जगह के भरोसे मत रहिए। टोटल सप्लाई और सर्कुलेटिंग सप्लाई की गिनती अलग-अलग प्लैटफ़ॉर्म पर थोड़ी अलग हो सकती है — बर्न और लॉक को कौन कैसे गिनता है, इसमें एकरूपता नहीं है। एक-दो जगह से मिलाकर देख लीजिए, नंबर आपस में बैठ जाएँ तो चैन रहता है। ये सब मार्केट पेज पर बने-बनाए मिलते हैं, खुद कुछ गिनना नहीं है — बस पैसा लगाने से पहले एक नज़र डालने की आदत डाल लीजिए।

एडिटोरियल टीम की तरफ़ से: मिसालों में दिए नंबर सिर्फ़ समझाने के लिए गढ़े गए हैं, किसी असली एसेट की तरफ़ इशारा नहीं करते; सप्लाई से जुड़े आँकड़ों के लिए मार्केट पेज और प्रोजेक्ट की अपनी घोषणाएँ ही अंतिम हैं। Bitcoin की 2.1 करोड़ की छत उसके प्रोटोकॉल का नियम है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सर्कुलेटिंग सप्लाई और टोटल सप्लाई में क्या फ़र्क़ है?
सर्कुलेटिंग सप्लाई वे सिक्के हैं जो अभी बाज़ार में चल रहे हैं और जिनका लेन-देन हो सकता है। टोटल सप्लाई वे सारे सिक्के हैं जो अभी तक बन चुके हैं — इसमें वे भी शामिल हैं जो लॉक हैं, अनलॉक नहीं हुए और फ़िलहाल ट्रेड नहीं हो सकते। टोटल सप्लाई आम तौर पर सर्कुलेटिंग सप्लाई के बराबर या उससे ज़्यादा होती है। बीच का अंतर आगे चलकर धीरे-धीरे बाज़ार में आ सकता है और बिकवाली का दबाव बना सकता है, इसलिए दोनों देखने चाहिए। सिर्फ़ सर्कुलेटिंग सप्लाई देखने पर असली आकार कम आँका जाता है।
क्या मैक्स सप्लाई और टोटल सप्लाई एक ही चीज़ है?
नहीं। टोटल सप्लाई बताती है कि अभी तक कितने सिक्के बन चुके हैं, जबकि मैक्स सप्लाई बताती है कि ज़्यादा से ज़्यादा कितने बन सकते हैं — यह नियम में लिखी हुई सीमा है। जैसे Bitcoin की मैक्स सप्लाई 2.1 करोड़ है, यह उसके प्रोटोकॉल में तय छत है। कुछ एसेट में ऐसी कोई पक्की सीमा होती ही नहीं और नए सिक्के बनते रह सकते हैं; उनकी मैक्स सप्लाई साफ़ नहीं होती। टोटल सप्लाई नए सिक्के बनने या बर्न होने से बदलती रहती है, मैक्स सप्लाई आम तौर पर तय रहती है।
FDV ज़्यादा हो तो इसका क्या मतलब है?
FDV यानी फ़ुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन = मौजूदा कीमत × मैक्स सप्लाई, यानी मान लीजिए सारे सिक्के बाज़ार में आ गए तो कुल वैल्यूएशन कितना बैठेगा। अगर किसी एसेट का FDV उसके मौजूदा मार्केट कैप से बहुत ऊपर है, तो इसका मतलब है कि अभी सप्लाई का छोटा हिस्सा ही चल रहा है और बहुत सारे सिक्के बाज़ार में आने बाकी हैं, जो अनलॉक होने पर बिकवाली का दबाव ला सकते हैं। कैप और FDV में जितना बड़ा अंतर, अनलॉक की टाइमलाइन पर उतना ही ध्यान देना चाहिए — सिर्फ़ कैप छोटा है इस बात से बहकिए मत।
किसी एसेट को देखते वक्त इनमें से किसे देखना चाहिए?
किसी एक को चुनकर मत देखिए, चारों को साथ मिलाइए। सर्कुलेटिंग सप्लाई को भाव से गुणा करके मौजूदा मार्केट कैप निकालिए, इससे आज का आकार पता चलेगा। फिर टोटल सप्लाई और मैक्स सप्लाई देखिए कि आगे और कितने सिक्के आने बाकी हैं। फिर FDV को कैप के सामने रखिए और अंदाज़ा लगाइए कि सारे सिक्के आ जाने पर आज का वैल्यूएशन टिकेगा या नहीं। चारों नंबर साथ रखने पर ही कम सर्कुलेटिंग सप्लाई से बनने वाला सस्ता होने का भ्रम टूटता है। खरीदना है या नहीं, यह इससे कहीं ज़्यादा बातों पर निर्भर करता है और यह निवेश सलाह नहीं है।
क्रिप्टो प्रोडक्ट और NFT अनियमित (unregulated) हैं और इनमें बहुत ज़्यादा जोखिम हो सकता है। ऐसे लेन-देन में हुए किसी भी नुकसान के लिए कोई नियामकीय सहारा (regulatory recourse) नहीं मिलेगा। (Crypto products and NFTs are unregulated and can be highly risky. There may be no regulatory recourse for any loss from such transactions.) यह बाइनेंस की आधिकारिक साइट नहीं है — हम एक स्वतंत्र गाइड हैं। ऊपर दिया गया इनवाइट लिंक है: इससे रजिस्टर करने पर आपको फ़ीस में छूट मिलती है और हमें कमीशन मिलता है, आपकी फ़ीस पर इसका कोई असर नहीं पड़ता। रजिस्टर करने से पहले देख लें कि आपके इलाके में बाइनेंस उपलब्ध है या नहीं। यह पूरा लेख जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं।

आगे पढ़िए: मार्केट कैप क्या है और क्या बड़ा कैप सुरक्षित होता है · क्रिप्टो मार्केट की बेसिक बातें · बाइनेंस पर मार्केट कैसे देखें